
नई दिल्ली। फर्जी कागजातों के आधार पर दाखिले रोकने के लिए रामजस कॉलेज सभी दस्तावेजों की जांच फॉरेंसिक साइंस की टीम से करवा रहा है। कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया के दौरान टीम छात्रों के प्रमाण पत्रों की जांच करेगी। कॉलेज में फॉरेंसिक एक्सपर्ट वीसी मिश्रा के नेतृत्व में चार विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। रामजस ही अकेला ऐसा कॉलेज है जो इस तरह का प्रयोग कर रहा है।
मिश्रा ने बताया, ‘आज दाखिले का पहला दिन था। पहले ही दिन टीम ने लगभग 100-110 छात्रों के दस्तावेजों की जांच की है। ँस दौरान किसी भी फॉर्म या दस्तावेज में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। टीम हर छात्र की मार्कशीट व प्रमाण पत्रों का बारीकी से आकलन कर रही है।’ उन्होंने कहा कि शुरुआती प्रक्रिया में प्रशासन द्वारा डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। अंतिम स्तर पर यानी दाखिला फॉर्म पर प्रिंसिपल के हस्ताक्षर से पहले फॉरेंसिक तरीके से दोबारा जांच की जा रही है। इसके लिए अल्ट्रा वॉयलेट लैंप बॉक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। खासकर 12वीं की मार्कशीट को सही तरीके जांचने और प्रमाणिक होने पर ही दाखिला दिया जा रहा है।
