फै क्टरी प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोल

ऊना। स्विस गार्नियर मजदूर यूनियन (इंटक) के बैनर तले काम से निकाले मजदूरों ने शनिवार को अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल शुरू कर दी। मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। आरोप है कि प्रबंधन और श्रम अधिकारी ने निकाले हुए मजदूरों की कोई सुनवाई नहीं की।
यूनियन के प्रधान लखविंद्र सिंह और महासचिव पूजा ने आरोप लगाया कि निकालने से पहले मजदूरों को कोई सूचना नहीं दी जाती है। जब कोई मजदूर इस संदर्भ में प्रबंधन से कुछ जानने की कोशिश करता है तो उसे फोन पर धमकियां दी जाती हैं और रास्ता रोककर मारपीट भी की जाती है। इस तरह की एक घटना को लेकर पुलिस के पास भी शिकायत की गई। यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी महिला कामगारों से प्रबंधन ने दुर्व्यवहार किया। विरोध करने पर महिला कामगार को काम से निकाल दिया गया। दुखी होकर सभी मजदूरों ने शोषण को रोकने के लिए प्रबंधक वर्ग, उपायुक्त ऊना, एसपी ऊना, श्रम आयुक्त और श्रम अधिकारी को भूख हड़ताल की सूचना पहले दे रखी है। आरोप जड़ा कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उन्हें गेट पर भी बैठने नहीं दिया। फिर भी मजदूर भूखहड़ताल पर डटे हैं। उन्होंने कहा कि यह भूख हड़ताल तब तक चलेगी, जब तक निकाले गए कामगारों को काम पर वापस नहीं लिया जाता।
लखविंद्र ने कहा कि शनिवार को वह खुद तथा पूजा भूखहड़ताल पर बैठे। इसी तरह हर रोज दो-दो कामगार भूखहड़ताल पर बैठते रहेंगे। इस मौके पर कामगार सुनील कुमार, अश्वनी कुमार, मुनीष कुमार, राकेश कुमार, सतपाल, कुलदीप और महेंद्र कुमार समेत अन्य कामगार मौजूद रहे।

नहीं चल रही कोई हड़ताल: शर्मा
प्रबंधक वर्ग से अधिकारी जेपी शर्मा ने कहा कि उनक ी इकाई में किसी तरह की कोई भूखहड़ताल नहीं चल रही है। कहा कि गेट के बाहर कुछ लोग जरूर खड़े हैं। लेकिन उनके यहां खड़े होने की वजह से वे अनभिज्ञ हैं।

Related posts