
जींद : यमुनानगर की तरह जींद में भी जिला कांग्रेस कार्यकत्र्ता सम्मेलन में प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद मुलाना की मौजूदगी में कांग्रेसी आपस में मंच पर उलझ गए। धक्का-मुक्की व जूतम-पैजार के बीच मंच पर सांसद बीरेंद्र सिंह व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समर्थकों के बीच ऐसी नारेबाजी हुई कि खुद मुलाना कार्यकत्र्ता सम्मेलन को संबोधित करने की हिम्मत नहीं कर पाए।
कल जाट धर्मशाला में कांग्रेस कार्यकत्र्ता सम्मेलन बुलाया गया था। इसे मुलाना के साथ-साथ कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव व हरियाणा की सह प्रभारी आशा कुमारी को संबोधित करना था। मुलाना व आशा के मंच पर पहुंचने से पहले ही कांग्रेसियों के बीच माहौल काफी गर्मा चुका था। मंच पर बीरेंद्र व मुख्यमंत्री के समर्थकों के बीच कब्जे के लिए होड़ शुरू हो चुकी थी।
गर्माए माहौल में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, जैसे ही मंच पर आशा और मुलाना पहुंचे तो मुख्यमंत्री व बीरेंद्र समर्थकों में खींचतान चरम पर पहुंच गई। मुलाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। मंच व माइक पर बीरेंद्र समर्थकों का एक तरह से कब्जा हो गया था। मंच पर मौजूद मुलाना व आशा ने आंखों से कांग्रेसियों को दुश्मनों की तरह भिड़ते व उलझते देखा।
भले ही सम्मेलन में प्रदेश फूलचंद मुलाना को बोलने नहीं दिया गया लेकिन जब उनसे मंच पर हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर बात की गई तो मुलाना का कहना था कि यह कार्यकत्र्ताओं का जोश था। अब यह मुलाना को कौन समझाए कि कार्यकत्र्ताओं का इस तरह का जोश पार्टी की जड़ों को बहुत कमजोर बना रहा है।
