फिर किस पार्टी के हैं देवी लाल?

कांगड़ा। बीडीसी अध्यक्ष पद की कुर्सी छिनने के बाद देवी लाल पर कांग्रेस और भाजपा बुरी तरह बरसी हैं। भाजपा के मंडल और कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष ने कह दिया है कि अपने राजनैतिक हित साधने के लिए देवी लाल कपड़ों की तरह पार्टियां बदलते रहते हैं। यही वजह रही कि मंगलवार को बहुमत साबित करने के लिए वह बीडीसी सदस्यों की नापसंद बने।
भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश बराड़ ने कहा कि देवी लाल ने अपने हित साधने के लिए भाजपा का सहारा लिया था और जब उनकी बीडीसी अध्यक्ष की कुर्सी पर खतरा मंडराया तो वह भाजपा को छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की बात करने लग पड़े। उन्हाेंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि देवी लाल को न तो कभी भाजपा का प्राथमिक सदस्य बनाया गया और न ही उन्हाेंने भाजपा के किसी कार्यक्रम सहित संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लिया है।
उधर, कांग्रेस ने भी देवी लाल पर जमकर प्रहार किए हैं। ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष केवल चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि कांग्रेस एक संगठित एवं अनुशासन वाली पार्टी है। किसके नेतृत्व में देवी लाल कांग्रेस में शामिल हुए, ब्लाक कांग्रेस को इसकी जानकारी नहीं है। देवी लाल पहले लोजपा में आए, उसके बाद समाजवादी पार्टी में चले गए, फिर उन्होंने भाजपा का दामन थामा और अब वह कांग्रेस में शामिल होने की बात कह रहे हैं। देवी लाल को कांग्रेस पार्टी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। देवी लाल न कभी कांग्रेस के थे और न अब हैं। बैठक में जिला महासचिव पंडित वेद प्रकाश शर्मा, सरूप धीमान, करनैल सिंह मनकोटिया, मनीष कांसरा, रोशन लाल, सुखदेव, सुरजीत सिंह, चुनी लाल, रोशन लाल, श्याम नारायण, नरेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, हरविंद्र गोरा, सुनील भाटिया, सुरेंद्र सरोच, सतीश कुमार, ऊषा कुमारी भी मौजूद रहे।

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