
ऊना। जिले के लगभग आधा दर्जन कालेजों में बीबीए और बीसीए के प्रोस्पेक्टस अलग-अलग मूल्यों पर मिल रहे हैं। सभी कालेज एक ही विवि से संबंधित हैं और कोर्स में भी उन्हें एक ही पाठ्यक्रम पढ़ने को मिलता है, लेकिन प्रोस्पेक्टस के दाम अलग हैं। हर कालेज अपने आधार पर निर्धारित किए गए रेटों के अनुसार दाखिला फार्म बेच रहा है। हालांकि, कालेज में दी जा रही तमाम सेवाआें को प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से नियंत्रित किया जाता है। विभिन्न प्रिंटिंग प्रेसों में सौ रुपये से भी कम की लागत में छपने वाले इन फार्मों को 300 से 400 रुपये तक बेचा जा रहा है। छात्रों के अभिभावकों की जेब पर भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सतनाम सिंह, गुरमेल सिंह, हरमेश चंद, राजेंद्र शर्मा, सुरजीत कौर, गुलजारी लाल का कहना है कि जब पाठ्यक्रम एक समान है तो प्रोस्पेक्टस के दाम अलग क्यों। बंगाणा और भटोली कालेजों में बीबीए-बीसीए प्रोस्पेक्टस का दाम 300 रुपये है, अंब, दौलतपुर चौक और ऊना कालेजों में इसकी कीमत 400 रुपये है।
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क्या कहते हैं प्राचार्य
बंगाणा कालेज के प्राचार्य राकेश भारद्वाज, ऊना कालेज के प्राचार्य डा. एसके चावला, दौलतपुर चौक से डा. दिलीप शर्मा, अंब कालेज से एसके पाठक और भटोली कालेज के प्राचार्य प्रो. केके शर्मा ने बताया कि यह सेल्फ फाइनेंस कोर्स हैं। कोर्सों में सभी संधाधन कालेज प्रशासनों को अपने स्तर पर जुटाने होते हैं। दाखिला प्रक्रिया के दौरान प्रवेश परीक्षा भी संचालित की जाती है, जो कालेज अपने आधार पर ही संचालित करते हैं। ऐसे में उन परीक्षाओं पर होने वाला खर्च भी प्रोस्पेक्टस में ही शामिल किया जाता है।
