प्रोफेसर रमेश चतुर्वेदी पंचतत्व में विलीन

नई दिल्ली। संस्कृत जगत के मूर्धन्य विद्वान और श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ, दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर एवं पुराणोतिहास एवं संस्कृति संकाय प्रमुख प्रोफेसर रमेश चंद्र्र चतुर्वेदी का कल दिल्ली में निधन हो गया। चतुर्वेदी जी संस्कृत और साहित्य के पठन और पाठन में सतत् कार्यरत रहे। चतुर्वेदी जी म.म. पं. गिरिधर शर्मा चतुर्वेदी के पटु शिष्यों में शामिल थे।
चतुर्वेदी जी ने अनेक पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया तथा दिल्ली सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में संस्कृत साहित्य के उत्थान में अतुलनीय योगदान दिया।
देश की प्रमुख संस्कृत एवं हिन्दी अकादमियों द्वारा समय-समय पर चतुर्वेदी जी को सम्मानित किया गया। अनेकानेक विद्वानों, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन एवं अन्य प्रदेशों के संस्कृत संस्थानों के साथ जीवनपर्यन्त संस्कृत एवं मूलभूत भारतीय संस्कारों के उत्थान एवं विस्तार हेतू कार्यरत रहे।

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