
रामपुर बुशहर। प्रोजेक्ट प्रभावितों की 15/20 बायल रामपुर जल विद्युत परियोजना कल्याण समिति जगातखाना ने प्रोजेक्ट प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जगातखाना में हुई बैठक में समिति ने दो टूक कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर प्रबंधन ने फसलों और मकानों में आई दरारों का बकाया मुआवजा नहीं दिया तो प्रोजेक्ट का काम बंद करवा दिया जाएगा।
प्रोजेक्ट कल्याण समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रभावितों ने 2008 से 2012 तक फसलों और मकानों में आई दरारों का बकाया मुआवजा न देने पर कड़ा रोष जताया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रबंधन को इसके बारे में कई बार अवगत कराया गया, बावजूद इसके प्रबंधन मुआवजे की अदायगी को लेकर गंभीर नहीं है। इससे प्रभावितों के साथ अन्याय हो रहा है। प्रबंधन की इस अनदेखी पर प्रभावितों में नाराजगी है और अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में कूदने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बैठक में प्रभावितों ने मांग की कि प्रबंधन वर्ष 2008 से 2012 तक फसलों को हुए नुकसान और मकानों में आई दरारों के मुआवजे की बकाया 50 प्रतिशत राशि को 29 जुलाई तक जारी करें। इस अवधि तक अगर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 30 जुलाई से प्रभावित परियोजना का कार्य बंद करवा देंगे। विरोध प्रदर्शन में अगर किसी तरह का नुकसान होता है, तो इसके लिए प्रबंधन स्वयं जिम्मेवार होगा। बैठक में समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शकुंतला ठाकुर, प्रधान तूनन पूने राम, प्रधान बाहवा ममता कौशल, प्रधान गड़ेज मीनाक्षी नेगी, प्रधान दत्तनगर राजकुमार, कल्याण समिति उपाध्यक्ष यशपाल शर्मा, कानूनी सलाहकार दिलसुख ठाकुर, सलाहकार कैलाश ब्रामटा, रणजीत ठाकुर, यशपाल नेगी, सोहन लाल, राजेश नेगी, जय प्रकाश, लालचंद, प्रधान कुशवा सुमित्रा देवी समेत कई प्रभावित उपस्थित रहे।
