प्रॉपर्टी टैक्स लेने से पहले लिखे जाएंगे मकान नंबर

नई दिल्ली। शहरीकृत गांवों एवं अनधिकृत/अधिकृत कॉलोनियों के लोगों को अब हर हाल में प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। उनकी संपत्तियों का पता लगाने के साथ-साथ पूरा ब्योरा तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। मकानों पर नाम एवं नंबर लिखा जाएगा। इसकी शुरुआत उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने सबसे पहले की है।
उत्तरी निगम ने शहरीकृत गांवों एवं अनधिकृत/अधिकृत कॉलोनियों में बने मकानों पर नाम एवं नंबर लिखने के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अगस्त से मकानों का नाम एवं नंबर लिखने की शुरुआत होगी। इस दौरान नाम एवं नंबर की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। उत्तरी दिल्ली की तरह दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम भी जल्दी ही अपने इलाके में मकानों पर नाम एवं नंबर लिखेगी। उन्होंने भी इस बारे में योजना तैयार कर ली है।
तीनों नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में 135 शहरीकृत गांव और 1462 अनधिकृत/अधिकृत कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में दिल्ली सरकार से बीते साल नियमित की गईं 895 कॉलोनियां भी शामिल हैं। इन इलाकों में करीब 15 लाख मकान बताए जा रहे हैं। उनमें से कुछ ही मकानों का प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 30 लाख मकान हैं और लगभग 10 लाख मकानों का ही प्रॉपर्टी टैक्स मिल रहा है।

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