
नूरपुर (कांगड़ा)। अरसे से नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्षरत प्राथमिक सहायक अध्यापकों के सब्र का बांध टूटने लगा है। संघ ने 18 से 20 दिसंबर के बीच धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लखमीर धीमान ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों से दोबारा 2 साल का प्रशिक्षण करवाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे गलत करार दिया है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने प्रदेश भर के 3382 प्राथमिक सहायक अध्यापकों के साथ न्याय नहीं किया तो आगामी लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार का हाल भी चार राज्यों में हुए हालिया विधानसभा चुनाव जैसा ही होगा। प्राथमिक सहायक अध्यापक पिछले कई सालों से सरकार की अनदेखी का शिकार होते आ रहे हैं। बावजूद इसके उनकी लंबित मांगों को लेकर हर बार कोरे आश्वासन ही मिलते रहे हैं। 15 दिसंबर को विधायक दल की बैठक में सत्तापक्ष के कई विधायकों ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाया तथा 16 दिसंबर को इस वर्ग के प्रश्नों पर विधानसभा में चर्चा होनी है। अगर इन दो दिन में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री से पैट के दो वर्ष के प्रशिक्षण की शर्त को रद्द करवाने या इसे कम करके छह माह करवाने में सफल नहीं होते हैं तो प्रदेश के 3382 प्राथमिक सहायक अध्यापकों को मजबूरन विधानसभा का घेराव करने तथा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष लखमीर धीमान ने अफसोस जताया कि जिन शिक्षकों ने कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए रात-दिन एक किया था, आज उन्हीं प्राथमिक सहायक अध्यापकों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए मजबूर होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ रहा है।
