प्रधानाचार्यों की कोताही शिक्षकों पर पड़ेगी भारी

प्रधानाचार्यों की कोताही शिक्षकों पर पड़ेगी भारी
सोलन। 156 वरिष्ठ और हाई स्कूलों के प्रधानाचार्यों की लेट लतीफी कई शिक्षकों पर भारी पड़ सकती है। सर्विस बुक अपडेट करने के उपनिदेशक के फरमानों से बेपरवाह प्रधानाचार्र्यों ने आदेशों धज्ज्यिां उड़ाई हैं। 03 मई बीत जाने के बाद भी चिंहित स्कूल प्रबंधनों ने शिक्षकों की सर्विस बुक ऑनलाइन अपडेट नहीं करवाई है।
ऐसे में शिक्षकों को इंक्रीमेंट, पदोन्नति आदि के लाभ मिलने में देरी हो सकती है। वहीं उच्च शिक्षा उपनिदेशक फिर से रिमाइंडर जारी करने की बात कह रहे हैं। 30 अप्रैल को इस संदर्भ में उपनिदेशक उच्च शिक्षा ने फरमान जारी करते हुए तीन मई के भीतर तमाम स्कूल मुखियाओं से अपने अपने संस्थान की रिपोर्ट सबमिट करवाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
चुनावी ड्यूटी की सफाई
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चुनावी ड्यूटी के दौरान प्रधानाचार्य शायद आदेशों की पूर्ति नहीं कर पाए। वहीं असल बात यह है कि प्रधानाचार्यों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगाई गई है। ऐसे में अफसरों की लापरवाही भी इसमें साफ झलक रही है।
नए सत्र के बाद होती है अपडेट
नए सत्र शुरू होने के बाद शिक्षकों की सर्विस बुक अपडेट होती है। जिला के प्रधानाचार्यों के माध्यम से यह सर्विस बुक अपडेट होनी होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो शिक्षकों को कई लाभों से वंचित रहना पड़ सकता है।
इस संबंध में उच्च शिक्षा उप निदेशक जीवन शर्मा ने कहा कि स्कूलों के मुखियाओं को तीन मई तक शिक्षकों की सर्विस बुक अपडेट करने के लिए कहा गया था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह पूरा नहीं हो सका है। दोबारा से रिमाइंडर भेजा जाएगा।

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