प्रदेश में कोटा घटाने पर भड़के तहसीलदार

बंजार (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश जिला राजस्व अधिकारी संगठन की जिला कुल्लू इकाई ने प्रदेश में तहसीलदारों का कोटा 27 से 25 प्रतिशत करने पर कड़ा विरोध जताया है। शनिवार को जिला कुल्लू राजस्व अधिकारी संगठन की बैठक में जिलाध्यक्ष रमन घरसंगी तहसीलदार बंजार, प्रदेश संयोजक एसपी जसवाल तहसीलदार ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से तहसीलदार कोटा घटा कर 25 प्रतिशत करने के सरकार के फैसले का कुल्लू राजस्व अधिकारी संगठन कार्यकारिणी विरोध करती है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार प्रशासन व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी होती है जो कार्यकारी दंडाधिकारी, उपपंजियन, सहायक समाहर्ता, भूमि अर्जन अधिकारी व जनगणना आदि कार्य पूरी कतर्व्यनिष्ठा के साथ निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पिछली सरकार द्वारा तहसीलदार कोटा 22 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया था लेकिन सरकार के नवीनतम फैसले से हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारियों के साथ कुठाराघात किया गया है। सरकार के इस फैसले से पूरे संगठन का मनोबल गिरा है। प्रदेश सरकार के इस फैसले पर गंभीरता से मंथन करने के बाद संगठन ने अपनी नाराजगी जताने के लिए 26 जुलाई से एक अगस्त तक काले बिल्ले लगा कर विरोध करने का फैसला लिया है। शनिवार को हुई बैठक में जिला के सभी राजस्व अधिकारियों ने काले बिल्ले लगा कर विरोध जताया है। बैठक में वर्क टू रूल के मुताबिक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्य करने का निर्णय लिया है। कहा कि सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो 11 अगस्त से पैन डाउन हड़ताल की जाएगी। बैठक में महासचिव एवं नायब तहसीलदार आनी जगदीश, इंद्र सिंह नायब तहसीलदार भू व्यवस्था, पदमा छेरिंग तहसीलदार मनाली, मनोहर लाल तहसीलदार भुंतर, लाल चंद शास्त्री तहसीलदार भू व्यवस्था, अनिल कुमार नायब तहसीलदार प्रोवेशनर तथा ओम चंद नायब तहसीलदार सैंज आदि उपस्थित रहे।

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