
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव के लिए जुटे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला आज इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो जाएगा। मतदान शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से 12:30 बजे तक होगा जबकि सांध्य कॉलेजों में शाम चार बजे से सात बजे तक वोटिंग होगी। शांतिपूर्वक मतदान कराने के लिए डीयू प्रशासन ने पुलिस के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
डूसू के मुख्य चुनाव अधिकारी प्रोफेसर अशोक कुमार वोहरा ने बताया, ‘लगभग एक लाख मतदाता (छात्र-छात्राएं) प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान के लिए कुल 900 मशीनों का इस्तेमाल होगा। जिसमें से डूसू के लिए 600 और कॉलेजों के लिए 300 से अधिक ईवीएम का प्रयोग होगा। 50 पोलिंग बूथ पर मतदान होगा। मतगणना शनिवार सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी। दोपहर करीब 12 बजे तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।’ उन्होंने बताया कि ईवीएम के इस्तेमाल में कोई परेशानी न हो इसके लिए सभी कॉलेजों के चुनाव अधिकारियों और प्राचार्यों को जानकारी दी जा चुकी है। मतगणना केंद्र पर छात्रों और उम्मीदवारों के समर्थकों के हुजूम को रोकने के लिए इस बार हर 45 मिनट के बाद मतगणना की स्थिति की घोषणा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस साल कुल 51 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए 12, उपाध्यक्ष पद के लिए 12, सचिव के लिए 17 और सहसचिव पद के लिए 10 उम्मीदवार शामिल हैं।
प्रशासन के विशेष दस्तों और कैमरों की नजर
कैंपस और सभी पोलिंग बूथ पर कैमरे से नजर रखी जाएगी, वहीं किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष दस्ते भी तैयार किए गए हैं। यह दस्ते कॉलेज-कॉलेज जाकर निगरानी रखेंगे। प्रोफेसर वोहरा ने बताया कि एक ऑब्जर्वर टीम बनाई गई है। जिसमें 24 प्रोफेसर शामिल हैं। मतदान खत्म होने के बाद दो-दो प्रोफेसरों की 12 टीमें अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगी। रिपोर्ट नेगेटिव मिलने पर कार्रवाई होगी।
पुलिस की खास निगरानी
पुलिस के मुताबिक, पोलिंग बूथों पर 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। नॉर्थ कैंपस और उसके आसपास के पोलिंग बूथों पर 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पीसीआर की गाड़ियां भी गश्त करेंगी। वहीं, महिला पुलिस बल की भी तैनाती होगी। सादे कपड़ों में पुलिस कर्मी कैंपस में नजर रखेंगे।
विजेताओं को प्रोविजनल रिजल्ट
प्रशासन ने विजयी उम्मीदवारों को प्रोविजनल रिजल्ट देने का निर्णय लिया है। प्रोफेसर वोहरा ने बताया कि ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है कि यदि किसी प्रत्याशी के विषय में रिजल्ट जारी करने के बाद कोई उल्लंघन या अपराध साबित होता है तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जा सके। दरअसल, एनएसयूआई और एबीवीपी के सभी उम्मीदवारों को प्रशासन ने आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किया है। प्रशासन के पास सभी के खिलाफ प्रिटेंड मैटीरियल इस्तेमाल करने के पर्याप्त सबूत हैं।
