प्याज के बीज उत्पादन में 50 फीसदी गिरावट

खराहल (कुल्लू)। मौसम की बेरुखी प्याज के बीज उत्पादन पर भारी पड़ गई है। पहले कम बारिश और फिर मानसून के समय से पहले आ जाने से प्याज के बीज उत्पादन में 50 फीसदी गिरावट आई है। इन दिनों घाटी में किसानों ने प्याज मंडाई का कार्य शुरू कर रखा है। लेकिन बीज उत्पादन को देखकर किसान और जैन कंपनी के अधिकारियों के होश फाख्ता हैं।
कुल्लू जिले में करीब 500 बीघा भूमि पर प्याज की खेती होती है। कुल्लू की लोअर बेल्ट में इसकी खेती बडे़ पैमाने पर हो रही है। लेकिन इस साल उत्पादन बहुत कम होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक गत वर्ष प्याज का उत्पादन बेहतर हुआ था। ऐसे में किसानों ने प्याज की अधिक खेती की थी। लेकिन इस साल पहले सूखे ने फसल को नुकसान पहुंचा और बाद में प्री मानसून से पनीरी नष्ट हो गई। किसान रोशन ठाकुर, अमित, दुनी चंद, रामनाथ, केहर सिंह, सतीश ठाकुर, मोहर सिंह, यशपाल राणा और वेद राम ने बताया कि इस साल मौसम की बेरुखी से प्याज के उत्पादन में 50 फीसदी की गिरावट आई है। प्रगतिशील प्याज उत्पादक अमित ठाकुर ने बताया कि उनके दो बीघा खेत में आधा क्विंटल बीज का उत्पादन हुआ है। औसतन प्याज का उत्पादन दो बीघा भूमि में करीब एक क्विंटल 80 किलो के आसपास रहता है। प्याज विशेषज्ञ ढाके ने बताया कि इन दिनों प्याज की मंडाई घाटी में जोरों पर है। लेकिन इस बार उत्पादन आशा के अनुरूप नहीं है। 50 फीसदी उत्पादन कम हुआ है। मौसम अनुकूल न रहने से यह समस्या पैदा हुई है।

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