पैराग्लाइडिंग पायलटों को रोजी का संकट

बैजनाथ (कांगड़ा)। साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध कांगड़ा की बिलिंग घाटी में टेंडम उड़ानों पर रोक से स्थानीय पायलटों पर रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। प्रदेश पर्यटन विभाग ने जून माह की शुरुआत में टेंडम उड़ानाें पर रोक लगाने के फरमान जारी किए हैं। वर्तमान में बीड़ में करीब 50 पायलट इस व्यवसाय से सीधे रूप से जुडे़ हुए हैं। करीब दो हजार लोगों की आय इस रोक से किसी न किसी रूप में प्रभावित हुई है।
टेंडम उड़ानों पर रोक पर विचार करने को लेकर पायलटों ने शनिवार को एसडीएम ऋग्वेद ठाकुर से भेंट कर उनसे इसका समाधान निकालने का आग्रह किया है। बीड़ के पायलट ज्योति ठाकुर, अरविंद पाल, देसराज, राजू, सुरेश राजेश अवस्थी, रवि गोस्वामी कुछेक ऐसे पायलट हैं जो प्री वर्ल्ड कप में भाग लेने के साथ-साथ तकनीकी कमेटियों का हिस्सा रह चुके हैं।
बिलिंग वेली एयरो स्पोर्ट्स सोसायटी के अध्यक्ष सतीश अवरोल का कहना है कि मनाली व बिलासपुर में टेंडम उड़ानों पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है। मात्र बिलिंग के लिए ऐसे फरमान जारी हुए हैं।
बिलिंग पैराग्लाइडिंग एवं टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के निदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि 28 जून को शिमला में प्रस्तावित बैठक में पायलटों के हितों के मुद्दे को उठाया जाएगा। एसडीएम ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि मामले पर विचार करने के लिए 26 जून को पर्यटन विभाग के उप निदेशक, डीटीडीओ और पायलटों के बीच उनके कार्यालय में बैठक की जा रही है। उसमें समस्या का समाधान निकलने की उम्मीद है।

Related posts