
हमीरपुर। हिमाचल पेंशनर्स कल्याण संघ ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। यहां जारी बयान में पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकारियों को 15 दिन के भीतर लाभ दिए गए। लेकिन कर्मचारियों के साथ अन्याय किया गया।
संघ के महामंत्री राम स्वरूप तथा संगठन सचिव विक्रम सिंह राणा ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में वर्ष 2012 के बाद कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कई मामलों में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फंड के सिवा कोई अन्य लाभ नहीं मिला है। काफी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं। परिवहन निगम के सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवानिवृत्ति पर 15 दिन के भीतर सभी प्रकार के लाभ दिए गए हैं। मुख्य कार्यालय में कार्यरत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सभी लाभ दे दिए गए हैं। यह अन्य कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय है। कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने देय राशि के भुगतान के बारे में जानने मुख्य कार्यालय जाता है तो कहा जाता है कि मामला वरिष्ठता सूची पर है। नंबर आएगा तो लाभ दे दिए जाएंगे। लेकिन निगम के अधिकारियों पर यह नियम लागू नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को समय पर भुगतान कर दिया जाता है। 30 नवंबर 2013 तथा 31 दिसंबर 2013 को दो अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे उन्हें भी लाभ दिए जा सकते हैं।
संघ की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है कि निगम के छोटे कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के पश्चात वरिष्ठता सूची बनाई गई है, उसमें सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी रखा जाए। यदि प्रबंधन ने दूसरे सेवानिवृत्त कर्मचारियों से पहले उन्हें भुगतान किया तो पेंशनर कल्याण संघ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य हो जाएगा।
