पूरा गांव मिलकर करता है श्राद्ध

भोरंज (हमीरपुर)। समाज बंट रहा है, संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। आपसी वैमनस्य भी बढ़ता जा रहा है। एक दूसरे को नीचा दिखाने में लोग लगे हुए हैं। इन सबके बीच भोरंज में एक गांव ऐसा भी है जिसकी परंपरा के लोग कायल होते जा रहे हैं। यहां गांववासी मिलकर श्राद्ध करते हैं। पंडित भी हरिद्वार से बुलाया जाता है। यह परंपरा करीब छह सालों से चल रही है। भोरंज खंड के लरहाणा गांववासी भाईचारे की एक मिसाल पेश कर रहे हैं। लरहाणा गांववासियों की देखादेखी में पड़ोसी गांव रौंही ने भी कदम से कदम मिलाया है। रौंही गांववासियों ने भी इस बार से सामूहिक श्राद्ध की परंपरा शुरू की है। ग्रामीण श्राद्धों में एक दिन निर्धारित कर सामूहिक रूप से एक ही बार श्राद्ध करते हैं।
गांववासी प्रेम चंद माहिल ने बताया कि करीब छह वर्ष पूर्व सूबेदार जयचंद ने ग्रामीणों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था। ग्रामीणों ने काफी विचार-विमर्श के पश्चात सहमति जताई और परंपरा को शुरू कर दिया। उसके बाद से गांववासी सामूहिक रूप से श्राद्ध करते आ रहे हैं। गांव में भाई चारे, आपसी मेलजोल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहल की गई थी। माहिल ने बताया कि श्राद्धों के दौरान एक दिन निर्धारित कर गायत्री परिवार हरिद्वार से पंडितों को गांव में बुलाया जाता है। प्रत्येक परिवार से एक या दो सदस्य शिरकत करते हैं तथा विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ पिंड दान करते हैं। गांववासियों का सामूहिक प्रयास रूढ़िवादिता से ऊपर उठने क ा एक कदम है। ग्रामीण सूबेदार प्रताप सिंह, दुनी चंद, कर्म चंद, विमला देवी, जीवन कुमार, रूप चंद, भागो देवी, प्रेमी देवी, राजीव कुमार सहित अन्य गांववासियों ने बताया कि रौंही गांववासियों ने अनुकरण करते हुए कदम बढ़ाए हैं।
उधर, भोरंज पंचायत समिति सदस्य जोगिंद्र मेहला का कहना है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने अनूठी पहल की है, ग्रामीणों का प्रयास काफी सराहनीय है।

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