पूछताछ के दायरे में बैंक के दो मुलाजिम

धर्मशाला। एक कोआपरेटिव बैंक से जमीन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर होम लोन लेने के मामले की तहकीकात तेज हो गई है। लोन की स्वीकृति देने वाले तत्कालीन बैंक मैनेजर ने सोमवार को पुलिस थाना धर्मशाला में अपना पक्ष रखा। इस मामले में उन्होंने दो अन्य सहयोगी कर्मचारियों के नाम उजागर किए।
बैंक मैनेजर ने कहा कि लोन मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है। बल्कि लोन स्वीकृति के समय तत्कालीन बैंक अकाउंटेंट और एक अन्य बैंक कर्मचारी ने लोन की औपचारिकताएं पूरी करवाई थीं। इन्हीं कर्मचारियों ने लोन लेने वाले व्यक्ति की जमीन और निर्माण कार्य की वेरिफिकेशन की थी। उधर, मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर नेगी राम ठाकुर ने बताया कि सोमवार को मैनेजर ने पुलिस थाना पहुंचकर जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि बैंक मैनेजर न दो अन्य बैंक कर्मचारियों के नाम बताए हैं, पुलिस जल्द ही इन कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी।

यह है बैंक लोन मामला
उक्त बैंक की धर्मशाला शाखा से एक व्यक्ति ने 2004 में मकान बनाने के लिए चार लाख रुपए ऋण लिया है तथा वापस नहीं किया। वहीं जांच के दौरान पाया गया कि गिरवी रखी हुई जमीन भी उसके नाम पर नहीं है। इसके अलावा व्यक्ति ने मकान का निर्माण भी नहीं करवाया। इस पर बैंक के महाप्रबंधक ने पुलिस थाना धर्मशाला में 5 फरवरी को धारा 420 के तहत मामला दर्ज करवाया है।

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