
नई दिल्ली। चोरी के एक मामले में सात नाबालिगों को अवैध रूप से हिरासत में रखकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोप में विजय विहार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत छह लोगों को निलंबित कर दिया गया है। सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। मार्च में हुई इस घटना के मीडिया में खुलासा होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक इसी मार्च में विजय विहार इलाके में एक प्लंबर का सामान चोरी हो गया। मामले में पुलिसकर्मियों ने 25 मार्च को सात नाबालिगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नाबालिगों के परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी गई और ना ही उन्हें छोड़ा गया। आरोप के मुताबिक पहले सातों नाबालिगों को सिपाही राहुल के कमरे पर बंधक बनाकर रखा गया। 26 मार्च को नाबालिगों के परिजनों ने 100 नंबर पर फोन पर बच्चों के गुम हो जाने की जानकारी दर्ज कराई। इसके बावजूद पुलिस ने न तो परिजनों को हिरासत में लिए जाने की कोई सूचना दी और ना ही उन्हें छोड़ा गया। पुलिस ने 27 मार्च को बुद्ध विहार स्थित एक फ्लैट में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा। सभी नाबालिगों को हथकड़ी पहना दी गई और पूछताछ के दौरान अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि नाबालिगों से चोरी के बाबत कोई सुराग नहीं मिलने पर तीन दिन तक हिरासत में रखने के बाद पुलिसकर्मियों ने इनसे रुपये छीनकर सभी को मुक्त कर दिया। लेकिन बंधक बनाए जाने के दौरान किसी ने नाबालिगों के फोटो और वीडियो बना लिया। मीडिया में फोटो और वीडियो के आने के बाद मामले का खुलासा हुआ।
ये हुए निलंबित
इस मामले में विजय विहार थाने के तत्कालीन प्रभारी सुनील कुमार, हवलदार लाल सिंह, सिपाही राहुल, राजकुमार, सुभाष और अखिलेश को निलंबित कर दिया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। सुनील कुमार को बाद में नेब सराय थाने का प्रभारी बनाया गया था।
