
ऊना। लोगों को अनधिकृत कालोनी में प्लाट बेचकर करोड़ों रुपये बटोरने वाले बिल्डर के खिलाफ जांच तेज करते हुए पुलिस ने ठगी के शिकार 26 लोगों से रजिस्ट्रियां और एफिडेविट अपने कब्जे में लिए हैं। आरोपी बिल्डर ने भी सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अरजी दायर की है। इस अरजी पर सुनवाई की तारीख अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित नहीं की है। सुनवाई तक आरोपी बिल्डर टेंपरेरी अग्रिम जमानत पर रहेगा। ऊना के सदर थाने में दायर इस धोखाधड़ी के केस में आरोपी बिल्डर ने हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत के लिए अरजी दायर की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने अरजी को खारिज कर दिया था। इसके बाद बिल्डर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि आरोपी बिल्डर ने गिरफ्तारी से बचते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के लिए लाखों रुपये खर्च किए हैं। पुलिस का कहना है कि सुनवाई वाले दिन यदि सुप्रीम कोर्ट ने भी अरजी को खारिज कर दिया तो पुलिस आरोपी बिल्डर को गिरफ्तार करेगी। बिल्डर पर रक्कड़ कालोनी में अनधिकृत तौर पर कालोनी काटने तथा लोगों से रुपये बटोर कर उन्हें प्लाट आवंटित करने का आरोप है। शिकायतकर्ता सुरेंद्र ने एक कल्याण सभा की ओर से यह मामला दर्ज कराया है। धोखाधड़ी के इस मामले में सदर थाना पुलिस ने टीसीपी अधिनियम के तहत भी केस दर्ज कर रखा है। बताया जा रहा है कि प्लाट खरीदने के बाद खरीदार लोगों को जब इस बात का पता चला कि वे इस कालोनी में खरीदे प्लाटों पर भवन निर्माण करवाते हैं तो भवन को टीसीपी से एनओसी नहीं मिलेगी। ऐसे में भवन में बिजली और पानी की सुविधा भी नहीं ली जा सकेगी। अपने साथ हुए इस धोखे के बाद प्लाट के खरीदारों ने यह मामला दर्ज कराया। मामले के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर त्रिलोक ने 26 रजिस्ट्रियां और एफिडेविट कब्जे में लेने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी बिल्डर को टेंपरेरी तौर पर अग्रिम जमानत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी अरजी पर सुनवाई की तारीख निर्धारित नहीं की गई है।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
बिल्डर के खिलाफ सदर पुलिस थाने में भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी और टीसीपी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
