
नई दिल्ली। कैश फॉर वोट मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी भाजपा कार्यकर्ता सुहेल हिंदुस्तानी ने दिल्ली पुलिस पर घोटाले में फायदा लेने वाले असली लोगों का नाम जाहिर न करने का आरोप लगाया है। उसने दावा किया कि उसे किसी तीसरे पक्ष के इशारे पर इस मामले में उठाया गया था। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरोत्तम कौशल की अदालत में सुहेल हिंदुस्तानी ने कहा कि घोटाले का असली फायदा तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी और उसके पक्ष में वोट करने वाले सांसदों ने उठाया है। वहीं आरोपी के अधिवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि न्यूज चैनल ने स्टिंग के जरिये भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए उससे संपर्क किया था। इसके पीछे अवैध फायदा लेना उसका मकसद नहीं था। जिन सांसदों ने सरकार के पक्ष में वोट किया था उन्हें इस घोटाले का असली फायदा मिला था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट व इस कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस आज तक पैसों के स्रोत के बारे में पता नहीं लगा सकी। अहम है कि कैश फॉर वोट घोटाला मामले में आरोपों के निर्धारण पर बहस चल रही है। मामला 2008 में यूपीए एक सरकार के दौरान विश्वास मत के दौरान वोटिंग से जुड़ा है।
