
दौलतपुर (ऊना)। अंब से तलवाड़ा रेलवे लाइन का काम केंद्र सरकार के सुस्त रवैये के चलते पहले से ही खटाई में पड़ा हुआ है। अब स्थानीय भू-मालिकाें ने पुराने रेट पर मुआवजा लेने से साफ इनकार कर दिया है। इससे विवाद और बढ़ गया है।
बुधवार को क्षेत्र के गोंदपुर बनेहड़ा, मवां कोहला, डंगोह के ग्रामीण गोंदपुर बनेहड़ा में एकत्रित हुए और वहां पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान इन लोगों ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि वे पुराने रेटों पर भूमि का मुआवजा कतई नहीं लेंगे। पुराने भू अधिग्रहण नियम एवं उस समय की तय भू कीमतों से उनके लिए यह घाटे का सौदा होगा। भू-मालिकों ने मांग रखी कि उनको नए भू अधिग्रहण नियम के तहत नई रेटों के आधार पर मुआवजा दिया जाए। माना जा रहा है कि पुराने और नए दामों में चार गुणा अधिक का अंतर पाया जा रहा है। प्रशासन के आला अधिकारियों ने भू-मालिकों की राय जानी। इनमें भूमि मालिक ठाकुर चैन सिंह, गोंदपुर बनेहड़ा लोअर के उपप्रधान जसवीर सिंह, गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर की प्रधान उर्मिला देवी, कैलाश नगर की प्रधान दर्शना देवी समेत अन्य दर्जनों भू मालिकों ने प्रशासन को अपने इस रुख से अवगत कराया। इन लोगों ने कहा कि यदि उन्हें नए रेट के आधार पर मुआवजा नहीं दिया तो वे रेलवे लाइन के लिए भूमि नहीं देंगे, चाहे रेलवे लाइन का काम रुक ही क्यों न जाए?
बुधवार को प्रशासन की तरफ से एडीसी दर्शन कालिया, एसडीएम सुखदेव सिंह, एसीटूडीसी एसके पराशर, रेलवे के अधिशासी अभियंता आरके गुंबर गोंदपुर बनेहड़ा आए थे। अधिकारियों ने भू-मालिकों की मांग विचार करने पर उन्हें आश्वस्त किया है। अधिकारियों ने कहा कि वे भू मालिकों की इस मांग को प्रदेश सरकार के समक्ष रखेंगे तथा प्रदेश सरकार के निर्णय के आधार पर आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सरकार 23 करोड़ मुआवजा देने को तैयार
अंब-तलवाड़ा रेल लाइन के लिए गोंदपुर बनेहड़ा, मवां कोहला व डंगोह गांव की 777 कनाल भूमि के लिए सरकार 23.75 करोड़ रुपये मुआवजा देने को तैयार है। इसमें गोंदपुर बनेहड़ा की 159 कनाल भूमि के लिए 5.45 करोड़, मवां कोहला गांव की 435 कनाल भूमि के लिए 5.42 करोड़ तथा डंगोह गांव की 435 कनाल भूमि के लिए 12.88 करोड़ रुपये मुआवजा तय हुआ है। अधिकारियों ने पुनर्विचार के लिए प्रदेश सरकार को मामला भेजने की बात कही है।
