पारा चढ़ते ही हांफी पेयजल योजनाएं

बड़सर (हमीरपुर)। गर्मी के मौसम में पारा चढ़ते ही बड़सर उपमंडल की पेयजल योजनाएं हांफने लगी हैं। उपमंडल की आधा दर्जन से अधिक पेयजल योजनाओं में गैलरियां सूखने के कगार पर हैं। खड्डों और नालों पर बनी पेयजल योजनाओं में पानी की किल्लत का अधिक असर हुआ है। पेयजल योजनाओं में 40 से 60 फीसदी जल स्तर गिर गया है। कुछ दिन भीषण गर्मी बनी रही तो खड्डों, नालों में पानी सूख जाएगा। आईपीएच विभाग का मानना है कि तीन सप्ताह भीषण गर्मी रही तो पेयजल योजनाओं से ग्रामीणों को पानी मुहैया करवाना कठिन हो जाएगा। जिससे पेयजल समस्या अधिक विकराल हो जाएगी। बड़सर उपमंडल क्षेत्र के बणी बड़सर पेयजल योजना, जुब्बल खैरियां पेयजल योजना, 99 दियोटसिद्ध पेयजल योजना, कड़साई पेयजल योजना, अंबेड़ी दांदड़ू टिप्पर पेयजल योजना, धंगोटा पेयजल योजना, महारल बड़ा ग्रां पेयजल योजना सहित अन्य पेयजल योजनाओं में बने स्टोरेज टैंक, गैलरियों में पानी की कमी हो गई है। विभाग को गांवों में पानी मुहैया करवाना मुश्किल हो गया है। सिरहाली खडड पर बणी बड़सर गारली, जुब्बल खैरियां तथा 99 दियोटसिद्ध पेयजल योजना के लिए पानी उठाया जाता है। 99 दियोटसिद्ध पेयजल योजना के पास बनी गैलरी सूखने के कगार पर है। पेयजल विभाग को आस पास के कुआें से पानी उठाने बाध्य होना पड़ रहा है। अंबेड़ी दांदड़ू टिप्पर तथा कड़साई पेयजल योजना के लिए मानखडड से पानी उठाया जाता है। अंबेड़ी दांदड़ू पेयजल योजना की गैलरी भी सूखने की स्थिति में है। धंगोटा पेजयल योजना के लिए शुक्रखडड से पानी उठाया जाता है। योजना में पानी की कमी बनी हुई है। पेयजल विभाग के अधिशासी अभियंता बड़सर एसएस कौशल ने बताया कि पेयजल योजनाओं में 40 से 60 फीसदी जल स्तर में कमी आई है। खड्डों व नालों के पास बनी गैलरियों और टैंकों में पानी कम हुआ है। फिलहाल ग्रामीणों को पर्याप्त पानी मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन अधिक दिन तक गर्मी रहने से समस्या गंभीर हो सकती है।

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