पांच साल से बंद गाहर सिंचाई योजना

भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की गाहर पंचायत के लगभग एक दर्जन गांवों के लिए बनी सिंचाई योजना पांच वर्षों से बंद पड़ी है। सीर खड्ड से बनी इस योजना में अब पानी नहीं आ रहा। परिणामस्वरूप किसानों के खेत प्यासे हैं। बिना सिंचाई फसलें मुरझाने लगती है। लिहाजा, ग्रामीण कृषि कार्य छोड़ने को विवश हो गए हैं।
लगभग 20 साल पहले गाहर पंचायत के लिए सीर खड्ड से सिंचाई योजना का निर्माण हुआ था। 220 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए बनी यह योजना 2009 में सीर खड्ड में बाढ़ से ध्वस्त हो गई। इसके बाद इस योजना की किसी ने सुध नहीं ली। सिंचाई योजना पुन: शुरू नहीं होने के कारण गाहर पंचायत के गाहर, पध्याण, स्वारा, केट, देहलवीं, बाह, जरोडा, खस्वीं आदि गांवों के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कभी धान, मक्की और गेहूं से लहलाने वाले खेत खाली पड़ रहे हैं। धीरे-धीरे इलाके की जमीन बंजर होने लगी है।
पंचायत प्रधान निर्मला देवी का कहना है कि इस बारे विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है, फिर भी कोई काम नहीं हो रहा। सिंचाई योजना बंद होने से लोग बारिश के पानी पर निर्भर है। मजबूरन किसान कृषि कार्य छोड़ रहे हैं। किसान रघु राम, विष्णु राम, देश राज, राजकुमार, अनिल कुमार मेहता, नंद लाल, दिनेश, मनोहर, देव राज, राजेश ने बताया कि सिंचाई योजना के अभाव में वह खेती छोड़ने को विवश हो गए हैं। फसलें बारिश पर निर्भर है। आईपीएच के सहायक अभियंता देव राज चौहान ने कहा कि लगभग पांच साल पहले सीर खड्ड में आई बाढ़ के बाद यह योजना बंद हो गई थी। इस क्षेत्र के किसानों के लिए नई सिंचाई योजना का निर्माण किया जाना है। इसके लिए 2.48 करोड़ की डीपीआर बनाई गई है। जल्द ही इस योजना का कार्य आरंभ किया जाएगा।

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