
कुल्लू। पहाड़ों में चुनाव करवाने के लिए निर्वाचन आयोग को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां पर चुनाव करवाना आसान काम नहीं है। जिले में करीब 30 पोलिंग बूथों पर पोलिंग पार्टियों को पांच किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैदल तय करना पड़ा। जिले में सबसे दुर्गम पोलिंग बूथ शाक्टी है। शाक्टी के लिए रवाना हुई पोलिंग पार्टी को करीब 14 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। ये पोलिंग पार्टी सोमवार देर रात शाक्टी पहुंची।
इसके अलावा कुल्लू जिले के करीब 30 पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टियों को खूब पसीना बहाना पड़ा। धार्मिक नगरी मणिकर्ण घाटी के दुर्गम क्षेत्र पीणी में लोकसभा चुनाव के लिए स्थापित पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टियों को खूब पसीना बहाना पड़ा है। पोलिंग पार्टियोें को भुंतर-मणिकर्ण मार्ग से कई किलोमीटर पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को शाट-शारनी से पीणी पहुंचने में मीलों को सफर करना पड़ा है। खासकर पार्टियों को कसलादी तथा पीणी तक दो से तीन घंटे की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ी है।
ग्राम पंचायत तलपीणी की प्रधान बंती देवी और उप प्रधान मोहर सिंह ने कहा कि पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन पैदल रास्ता लंबा होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने बताया कि कुल्लू जिला में मतदान के लिए 500 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। 500 पोलिंग बूथों पर 2000 कर्मचारी ड्यूटी देंगे। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा।
