पहाड़ों की कदमताल पर निकले ट्रैकर

कुल्लू,। समर सीजन के सिमटते ही अब कुल्लू और लाहौल-स्पीति की पहाड़ियां ट्रैकरों की आवाजाही से गुलजार होने लगी हैं। जलोड़ी दर्रा व रोहतांग दर्रा के बहाल होने पर यातायात खुलने से यहां के तमाम ट्रैक रूटों पर ट्रैकरों की आवाजाही बढ़ गई है। कुल्लू के खीरगंगा, मलाणा, कसोल, बिजली महादेव, जलोडी दर्रा, टकरासी बंगला, रघुपुरगढ़, सरेयोलसर, लाबांलाबंरी व जनजातीय जिला के चंद्र ताल, नीलकंठ, कांगला ग्लेशियर समेत सभी छोटे-बड़े रूटों के लिए सैलानियों ने ट्रैकिंग पर निकलना शुरू कर दिया है। कांगला ग्लेशियर सहित कुल्लू के मणिकर्ण घाटी के ट्रैक रूटों पर कई ट्रैकर अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में कुल्लू तथा लाहौल प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। लाहौल पुलिस प्रशासन ने ट्रैकिंग सीजन के मद्देनजर घाटी में कोकसर, तिगरेंट, दारचा और सरचू में बाह्य चौकियां स्थापित कर दी हैं जो ट्रैकिंग रूट पर जाने वाले ट्रैकरों की हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।
एसपी लाहौल-स्पीति सुनील कुमार तथा थाना प्रभारी केलांग लोकेंद्र नेगी ने कहा कि विदेशी ट्रैकरों के सभी वीजा व पासपोर्ट को भी चेक किया जा रहा है। कोई सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल तो नहीं कर रहा, इस पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ट्रैकिंग के दौरान पिछले वर्षों में जहां कागंला ग्लेशियर में विदेशी पर्यटकों के शव मिलते आए हैं, वहीं मणिकर्ण क्षेत्र में भी कई पर्यटक गायब हो चुके हैं।
ऐसे में हादसों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े प्रबंध कर दिए हैं। कुल्लू के डीएसपी संजय शर्मा ने बताया कि ट्रैकिंग रूटों पर जाने वाले ट्रैकरों का पंजीकरण करवाना जरूरी हो गया है। इसको लेकर सभी पुलिस चौकी, थाना प्रभारियों और ट्रैकिंग एजेंसियों को सभी ट्रैकर सैलानियों का पंजीकरण करने को कहा

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