
मैहतपुर (ऊना)। एक माह के इंतजार के बाद पहली तारीख को मिलने वाली पेंशन समय पर न मिलने से कई बुजुर्ग पेंशनभोगियों को निराश होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। पिछले पांच छह महीनों से पेंशनरों को इस तरह की समस्या से जूझना पड़ रहा है। विभिन्न विभागों से सेवामुक्त होकर पेंशन हासिल करने वाले बुजुर्ग पेंशनरों मास्टर राधाकृष्ण शर्मा, तरसेम लाल, उजागर सिंह, रमेश चंद्र, केहर सिंह, रोशन लाल व कमला देवी समेत कई अन्य लोगों ने बताया कि स्थानीय पीएनबी शाखा से जब भी वे पहली तारीख को अपने खातों से पेंशन लेने जाते हैं तो पता चलता है, कि शिमला से अभी पेंशन उनके खातों में आई ही नहीं है। इन पेंशनरों के मुताबिक अन्य किसी भी बैंक के पेंशनरों की ऐसी शिकायत नहीं होती। आन लाइन सुविधा के चलते भी अगर पहली तारीख को पेंशनरों को पेंशन प्राप्त नहीं हो रही है तो कहीं न कहीं सिस्टम में सुधार की जरूरत है। शिमला से विभिन्न बैंकों को आन लाइन पेंशन खाताधारकों के खातों में आने के बाद वे पेंशन निकलवाते हैं। इन पेंशनरों ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने बजट में उन पेंशनधारकों की पेंशन नए ग्रेड के मुताबिक 50 फीसदी बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस पर कोई अमल नहीं हुआ है। इन लोगों ने मांग की है कि 20 साल की सेवाकाल वाले पेंशनरों को पचास फीसदी का जल्द लाभ दिया जाए। स्थानीय पीएनबी के शाखा प्रंबधक अश्वनी गौतम ने कहा कि शिमला से पेंशन पहली को क्यों नहीं आती, इस बाबत वह पता लगा रहे हैं। उधर, जिला कोषाधिकारी टीआर शर्मा ने कहा कि मीडिया के जरिए ही उनके ध्यान में यह मामला आया है, लिहाजा वह इस समस्या को दूर करने का प्रयास करेंगे ताकि पहली तारीख को पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को कोई असुविधा न हो।
