
बागपत
भारत जोड़ो यात्रा को रालोद व भाकियू का साथ मिला तो हाथ मजबूत होने लगा। जिस तरह से जाटलैंड में यात्रा के प्रवेश करने पर रालोद व भाकियू नेता जुड़े, उससे पश्चिम उप्र की राजनीति पर असर पड़ सकता है। क्योंकि अब विपक्षियों का सहयोग मिलने पर कांग्रेस अपनी जमीन तैयार करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं में भरपूर जोश दिखा। वहीं बागपत में पहली बार आए राहुल गांधी को देखने के लिए लोग काफी उत्साहित दिखे। गांवों में ग्रामीण कड़ाके की ठंड में भी सड़क पर डटे रहे।
मवीकलां गांव से बुधवार सुबह भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुई तो कड़ाके की ठंड पड़ रही थी, लेकिन राहुल गांधी को देखने की उत्सुकता के कारण लोग सड़कों पर खड़े रहे। वहीं राहुल गांधी के साथ आई भीड़ को देखकर सियासाा गलियारों में चुनावी चर्चाएं भी शुरू हो गई। पश्चिमी यूपी में राहुल की यात्रा को भारी समर्थन मिला है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस यात्रा को वेस्ट यूपी की राजनीति पर भी असर जरूर नजर आएगा।
जाटलैंड में दिखा यात्रा का असर
यूपी में कांग्रेस की यात्रा की शुरूआत होने पर जहां सपा व बसपा ने शुभकामनाएं संदेश दिए तो भाकियू ने यात्रा में शामिल होने का ही एलान कर दिया। बागपत में यात्रा पहुंचने से पहले रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने जिस तरह रालोद नेताओं के उसमें शामिल होने की बात कही तो यात्रा में हाथ को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। जिसका असर जाटलैंड के बागपत में यात्रा के पहुंचने पर दिखाई भी दिया और रालोद नेताओं के साथ ही काफी कार्यकर्ता यात्रा में पहुंचे। इससे कांग्रेस को बड़ी संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कही बड़ी बात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद मानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा का यूपी में बड़ा फायदा मिल रहा है और रालोद, सपा, बसपा व भाकियू ने जिस तरह से सहयोग दिया है। उसका अलग ही असर दिख रहा है।
रालोद ने माना यात्रा से राहुल को मिलेगा फायदा
रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्ज्वल मानते हैं कि भारत जोड़ो यात्रा का कांग्रेस को यूपी में फायदा जरूर मिलेगा। रालोद हमेशा किसान, मजदूर, गरीब वर्ग की आवाज उठाता रहा है और राहुल गांधी भी उनके मुद्दों को उठा रहे हैं तो इस वर्ग के लोग उनके साथ जुड़ सकते हैं।
कांग्रेस ने वर्ष 2019 में पिता-पुत्र के सामने नहीं उतारा था प्रत्याशी
कांग्रेस का भले ही वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में रालोद, सपा, बसपा के साथ गठबंधन नहीं था। लेकिन कांग्रेस ने तब रालोद, सपा, बसपा के बागपत से गठबंधन प्रत्याशी जयंत चौधरी व मुजफ्फरनगर से प्रत्याशी उनके पिता अजित सिंह के सामने प्रत्याशी नहीं उतारा था। इस तरह रालोद को लेकर कांग्रेस पहले से अपनापन दिखाती रही है तो अब रालोद भी उसके सहयोग में पीछे नहीं है।
