पलम की फसल पर अंधड़ का कहर

खराहल (कुल्लू)। मौसम का अचानक बिगड़ा मिजाज पलम, सेब और नाशपाती की फसल पर भारी पड़ा। मंगलवार देर शाम को चली अंधड़ ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान पलम की फसल को हुआ है। पलम का आकार काफी बड़ा है। लिहाजा हवाओं के तेज झोंकों ने पलम के दानों को जमीन पर बिखेर डाला।
सेब और नाशपाती की फसल को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से घाटी में बूंदाबांदी और तेज हवाओं से पलम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। घाटी की लोअर बेल्ट में पलम की फसल 20 जून तक तैयार हो जाती है। इस बार पलम की अच्छी फसल होने की उम्मीद थी लेकिन अचानक तेज हवाओं के कारण फल जमीन पर आ गिरे। ऐसे में उत्पादन में गिरावट आने के आसार हैं।
खराहल घाटी के बागबान बुद्धि प्रकाश शर्मा, निशु महंत, अमित ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, कर्मचंद, संजीव और तीर्थ राम ने कहा कि मंगलवार शाम को बूंदाबांदी के साथ तेज हवाओं ने पलम को खासा नुकसान पहुंचाया है। खराहल घाटी के घराकड़, नेऊली, बंदल, बराधा, जवाणी, गाहर, बबेली और सेऊबाग क्षेत्रों में अंधड़ के साथ फलदार पेड़ोें से फल जमीन पर आ गिरे हैं। घाटी में 80 फीसदी लोगों की रोजी रोटी का जरिया बागवानी है। लेकिन मंगलवार को चली अंधड़ ने बागवानों को गहरा झटका दिया है। खराहल पंचायत के पूर्व प्रधान चुनी लाल शर्मा, पूर्व पंचायत के पूर्व उपप्रधान और जिला देवी-देवता कारदार संघ के सलाहकार झाबे राम ठाकुर, नेऊली पंचायत के उपप्रधान विशाल महंत ने बताया कि अंधड़ से पलम की फसल को 15 फीसदी नुकसान पहुंचा है। सेब और नाशपाती को भी आंशिक क्षति पहुंची है।
सरकार को भेजेंगे आकलन रिपोर्ट : एसडीएम
एसडीएम विनय सिंह ने कहा कि उद्यान विभाग के अधिकारियों को नुकसान के आकलन के आदेश दिए जाएंगे तथा रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।

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