
कुल्लू। किन्नौर त्रासदी से पहले ही प्रभावित चुके पर्यटन कारोबार को एक और झटका लग गया है। अब हवाई सेवाओं के बंद होने से कारोबार में और मंदी आने की संभावना है। यही नहीं समय से पहले शुरू हुई बरसात ने भी कुल्लू-मनाली के पर्यटन सीजन पर असर डाला है। आलम यह है कि 15 जुलाई तक चरम पर रहने वाला पर्यटन कारोबार करीब 60 फीसदी तक घट चुका है।
पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि एक तो शुरू में ही उनका कारोबार मंदा रहा अब हवाई सेवाओं के बंद होने से इसमें और गिरावट आएगी। पूर्व में भी हवाई सेवाएं न होने से पर्यटन कारोबार 30 फीसदी तक प्रभावित हुआ था। अब दोबारा कुल्लू-मनाली के लिए हवाई सेवाएं ढाई माह तक बंद होने से पर्यटन कारोबारियों और टैक्सी चालकों को मंदी की मार झेलनी होगी।
कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि एक जुलाई से 15 सितंबर तक ढाई महीने हवाई सेवाएं बंद रहने से कारोबारियों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ेगा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने माना कि हवाई सेवाएं बंद होने से मनाली का पर्यटन कारोबार प्रभावित होगा। बरसात के समय लद्दाख की ओर विदेशी सैलानी जाते हैं। हवाई सेवाएं बंद होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
टैक्सी यूनियन भुंतर के अध्यक्ष दीवान चंद गुलेरिया ने बताया कि उनका पूरा कारोबार भुंतर एयरपोर्ट पर ही टिका है। यदि भुंतर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं बंद हो जाती हैं, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। भुंतर एयर पोर्ट पर करीब नौ माह से हवाई सेवाएं बंद होने से भी टैक्सी चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इन नौ महीनों में करीब दो दर्जन टैक्सी आपरेटरों को अपने लग्जरी वाहन बेचने पड़े थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि भुंतर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं बंद न की जाएं
