
नई दिल्ली। वसंत विहार गैंग रेप मामले में इस्तेमाल बस के अवैध परिचालन से जुड़ी शिकायत मामले में अदालत ने परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त व अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश देने से इनकार कर दिया है। तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश नरोत्तम कौशल ने शिकायत का निपटारा करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर पुलिस बस मालिक दिनेश यादव के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी है।
अदालत का यह आदेश आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग की शिकायत पर सुनवाई के बाद आया है। अदालत ने कहा कि इन्हीं मुद्दों व तथ्यों के आधार पर नई एफआईआर का आदेश नहीं दिया जा सकता। दूसरी ओर अदालत ने शिकायतकर्ता को जांच में सहयोग करने और जांच अधिकारी से जानकारी साझा करने का निर्देश दिया है। जांच अधिकारी को जो जानकारी दी जाएगी वह उसे गंभीरता से लेगा और उसकी जांच के बाद पूरक आरोप पत्र दाखिल करेगा।
अदालत ने पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के मद्देनजर कहा कि बस मालिक दिनेश यादव का ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी राशन कार्ड के आधार पर जारी किया गया था। इसके लिए दिनेश यादव और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर जिम्मेदार है।
