
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अरबों रूपये के विकास कोष मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ और अनेक अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आज आदेश दिया। चीफ जस्टिस इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने व्यवस्था दी कि पूर्व प्रधानमंत्री ने ‘‘अपनी पसंद’’ के लोगों को विकास कोष आबंटित करते हुए अपने अधिकारों का दुरूपयोग किया।
अशरफ नीत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) सरकार ने अपने अंतिम दिनों में 52 अरब रूपयों की विकास योजनाएं स्वीकार की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) को इस विशाल कोष का फायदा पाने वाले लोगों का पता चलाने के लिए कहा था।
अटार्नी जनरल ने जून माह में खंडपीठ को बताया था कि अशरफ ने कोष जारी करने पाकिस्तान योजना आयोग के नियम कायदों की अवहेलना की थी। पाकिस्तान के महालेखाकार के प्रतिनिधियों ने शीर्ष अदालत को बताया था कि प्रधानमंत्री के पास विकास परियोजनाओं के लिए विवेकाधीन कोष का उपयोग करने के अधिकार हैं।
