
हमीरपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विवाहिता को तंग करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में ससुरालियों को धारा 306 के तहत दोषी पाया है। पति, सास और ससुर को धारा 306 के तहत सात साल की सजा की सुनाई है। साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। धारा 498ए के तहत दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी।
सहायक जिला न्यायवादी कपिल देव शर्मा ने बताया कि 4 दिसंबर 2011 को पुलिस थाना नादौन में केस दर्ज हुआ कि विवाहिता ने आत्महत्या कर ली है। 4 दिसंबर को विवाहिता मीनाक्षी (23) पत्नी मनोज कुमार निवासी गलोल ने स्वयं को आग लगा ली थी। इससे मीनाक्षी का शरीर 91 फीसदी झुलस गया। महिला को उपचार के लिए नादौन अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से उसे पीजीआई रेफर किया गया। आठ दिसंबर को मीनाक्षी की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्जकर मृतका के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेश शर्मा ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए धारा 306 और 498ए के तहत सजा सुनाई है। धारा 306 के तहत पति मनोज कुमार, सास निर्मला देवी और ससुर रूप लाल को अदालत ने सात साल का कारावास, दस हजार रुपये जुर्माना और धारा 498 ए के तहत दो साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजा साथ साथ चलेंगी। मामले में अभियोग की तरफ से 24 गवाह पेश किए गए। मामले की जांच एएसआई ओंकार चंद ने की है।
