
ऊना। रिश्वत मामले में राजस्व विभाग के एक पटवारी जगदीश राम निवासी लडियाल चक तहसील अंब को विशेष सत्र न्यायाधीश डीके शर्मा की अदालत ने दोषी को धारा (1) भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार का जुर्माना, धारा 13(2) के तहत एक साल एवं 10 हजार का जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की सूरत में 6 माह एवं एक वर्ष का साधारण कारावास की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
लोक अभियोजक चंद्रशेखर भाटिया ने बताया कि रविंद्र पाल निवासी जोह को वर्ष 2011 में जमीन का इंतकाल करवाना था, लेकिन पटवार सर्कल में तैनात पटवारी जगदीश राम ने उसके लिए चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसकी लिखित शिकायत रविंद्र पाल ने 1 अगस्त 2011 को विजिलेंस को दी। विजिलेंस की सलाह पर रविंद्र ने पटवारी को रुपये सौंप दिए। इसके बाद विजिलेंस ने पटवारी जगदीश को पकड़ लिया और उसकी जेब से चार नोट 500-500 के निकाले। विजिलेंस के इंस्पेक्टर शेर सिंह ने पटवारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में कुल लगभग 16 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पटवारी जगदीश राम को दोषी करार दिया है।
