
काईस (कुल्लू)। लगघाटी के जिंदी गांव में अधिष्ठाती माता फुंगणी के महाभारत कालीन मंदिर को जल्द संवारा जाएगा। मंदिर के कायाकल्प पर 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। मंदिर में हूबहू वैसी ही नक्काशी की जा रही है, जैसे यह मूलरूप से विद्यमान था। वर्तमान में यह काष्ठकुणी शैली का मंदिर जीर्ण-शीर्ण हो गया था। माता के हारियान स्वेच्छा से अंशदान कर मंदिर को इसका पुरातन वैभव लौटाने के प्रयास में जुट गए हैं। मंदिर अगले चार माह में बनकर तैयार हो जाएगा। इन दिनों मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर है। मंदिर के साथ देव समाज के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर निर्माण के दौरान अनहोनी न हो, इसके लिए देवलु कई देव नियमों का पालन कर रहे हैं। इस दौरान गांव में पवित्रता का भी ध्यान रखा जा रहा है। माता फुंगणी के कारदार केहर सिंह ने बताया कि माता ने गूर के माध्यम से मंदिर निर्माण का आदेश दिया था। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण अगले चार माह में पूरा किया जाएगा। इस पर 15 लाख खर्च होने का अनुमान है।
