
चंडीगढ़: पंजाब की 7 रेत व बजरी की खानों की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट 6 सितम्बर को खुद ई-ऑक्शन करवाएगा। ये आदेश हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार तथा इसके कर्मियों द्वारा प्रदेश में गैर-कानूनी खनन को जारी रखने के लिए ठेकेदारों की यूजर्स आई.डी. को ब्लाक करके करवाई गई, नीलामी के विरुद्ध दायर की गई याचिकाओं पर शुक्रवार को जारी किए। जस्टिस जसबीर सिंह व जस्टिस जी.एस. संधावालिया पर आधारित डिवीजन बैंच ने 12 अगस्त को हुई इन खानों की नीलामी पर भी रोक लगा दी। इनमें से 5 खाने पठानकोट जिले में तथा 2 रोपड़ में है।
ई-ऑक्शन अब 6 सितम्बर को 3.30 बजे बाद दोपहर खुली अदालत में करवाई जाएगी। इसमें सभी शिकायतकत्र्ता भाग ले सकते हैं। एक याचिका पठानकोट जिले की पांच खानों के संबंध में बलबीर सिंह व कंपनी ने अपनी वकील दिविक शर्मा के जरिए दायर की थी। दूसरी याचिका मोहाली की श्री मार्बल एंड बिल्डिंग मैटीरियल स्टोर ने अपने वकील ए.एस. सुलर के जरिए जिला रोपड़ की 2 खानों के सिलसिले में दायर की थी।
याचिकाओं में कहा गया था कि था कि ई-ऑक्शन 12 अगस्त को प्रात: 9 बजे आरंभ होनी थी लेकिन कम्प्यूटर सर्वर ने 10 बजकर 58 मिनट के बाद काम करना बंद कर दिया था। कम्प्यूटर सर्वर के खराब होने के कारण कई आवेदनकत्र्ताओं की बोलियां अपडेट नहीं हो सकी। जिस कारण उन्हें इन खानों से हाथ धोना पड़ा। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने तथा प्रदेश में रेत माफिया की सहायता करने के लिए एक बड़ा फ्रॉड करते हुए ऑनलाइन ऑक्शन के दौरान यूजर्स आई.डी. को जानबूझकर खराब किया गया।
