
सुजानपुर (हमीरपुर)। पंचायत समिति सुजानपुर में अध्यक्ष पद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला भाजपा और निर्दलीय विधायक की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। हालांकि भाजपा अपने वर्चस्व के लिए खुल कर सामने आ गई है लेकिन विधायक का कुनबा भीतर खाते गोटियां फिट करने में लगा हुआ है। कांग्रेस मामले को लेकर मात्र तमाशबीन बनी हुई है।
पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुधवार को बैठक का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में अध्यक्ष पद पर प्रताप सड़ियाल विराजमान हैं। चुनाव के समय जोगिंद्र ठाकुर और प्रताप सड़ियाल में अध्यक्ष पद के लिए जंग थी। हालांकि उस समय जोगिंद्र सिंह पुराने भाजपाई थे लेकिन राजेंद्र राणा के समर्थक होने की गाज आखिर में उन पर गिर ही गई। नतीजतन जोंगिद्र ठाकुर अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए।
भाजपा मंडल और विधायिका उर्मिल ठाकुर ने प्रताप सड़ियाल को अपना आशीर्वाद दे दिया लेकिन अब वर्तमान में सुजानपुर की सरदारी राजेंद्र राणा के पास है। माना जा रहा है कि जोगिंद्र ठाकुर बुलंद हौसलों के चलते अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाकर वर्चस्व दिखाना चाहते हैं। भाजपा मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रताप सड़ियाल के पक्ष में खड़ी हो गई है। सूत्रों की मानें तो भाजपा पदाधिकारियों ने भाजपा समर्थित पंचायत समिति सदस्यों से एक गुप्त बैठ भी सुजानपुर के एक होटल में की। उधर, राजेंद्र राणा का कुनबा भी अपने तरीके से संपर्क में है और भीतर खाते से भाजपा की राजनीति पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि 15 बीडीसी सदस्यों में कांग्रेस समर्थित मात्र चार सदस्य हैं लेकिन दोनों पार्टियों के वर्चस्व को बनाए रखने में अहम भूमिका है।
