
हमीरपुर। पंचायत में तैनात वाटर गार्डों ने पंचायत प्रतिनिधि पर मनमानी कर बेवजह तंग करने का आरोप लगाया है। घर से चार-पांच किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया जा रहा है। साथ ही उपस्थिति रजिस्टर पर भी हस्ताक्षर (सत्यापन) नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वाटर गार्डों को तीन माह का मानदेय नहीं मिल पाया है। पंचायत प्रतिनिधि के रवैये के खिलाफ वाटर गार्डों ने पहले शिकायत खंड विकास अधिकारी को सौंपी थी, लेकिन कार्रवाई न होता देख उपायुक्त हमीरपुर को शिकायत सौंपी है। उपायुक्त ने शिकायत आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी है।
वाटर गार्डों में राजेंद्र कुमार, जगरूप चंद, शंभू राम का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि द्वारा जानबूझकर तंग किया जा रहा है। दैनिक हाजिरी रजिस्टर को सत्यापित नहीं किया है, जिससे तीन माह मानदेय नहीं मिल पाया है। परिवार का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है। नियुक्ति के दौरान घर के सबसे नजदीकी टैंक पर सेवाएं देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन पंचायत प्रतिनिधि द्वारा घर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित टैंक में सेवाएं देने के लिए भेजा जा रहा है। उन्हें केवल 1350 रुपये का मासिक मानदेय मिलता है। राजेंद्र ने कहा उन्होंने उपायुक्त से मिलकर प्रतिनिधि के खिलाफ शिकायत की है तथा न्याय दिलवाने का आग्रह किया है।
क्या है मामला
कुछ समय पूर्व टैंक में तकनीकी खराबी के कारण पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई। राजेंद्र ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ने पानी की सप्लाई को कहा। वाटर गार्ड ने अन्य लोगों के साथ ही पेयजल आपूर्ति देने की बात कही तो प्रतिनिधि भड़क उठा। अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया और नौकरी से निकालने की धमकी दी।
