
बिलासपुर। कहलूर रियासत के अंतिम राजा स्व. आनंद चंद के मंझले पुत्र कीर्ति चंद का मंगलवार को गोविंद सागर के किनारे लुहणूघाट में अंतिम संस्कार किया गया। उनके इकलौते पुत्र शुभेंदु ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई देने के लिए स्थानीय लोगों के साथ ही मंडी और कुल्लू से राजघरानों के कुछ सदस्य भी पहुंचे।
स्व. राजा आनंद चंद की कुल चार संतानाें में से तीन का पहले ही निधन हो चुका था। उनके मंझले पुत्र कंवर कीर्ति चंद को कुछ साल पहले बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भर की कई पूर्व रियासतों के राजाआें और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विधिवत तरीके से राजा घोषित किया गया था। राजघरानों की परंपरा के अनुरूप राज पुरोहित ने उन्हें पगड़ी और तलवार सौंपकर राज परिवार का सरमायेदार घोषित किया था। कीर्ति चंद का सोमवार को चंडीगढ़ में निधन हो गया था। वह अपने पीछे धर्मपत्नी करुणा, पुत्र शुभेंदु और पुत्री शेफाली को छोड़ गए हैं।
मंगलवार को बिलासपुर के लुहणू घाट में गोविंद सागर के किनारे कीर्ति चंद का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी कन्हैयालाल दबड़ा, मंडी और कुल्लू से राजघरानों के सदस्यों पृथ्वी सिंह सेन, कर्मल जमवाल, कर्नल के सिंह और आरके सिंह, बिलासपुर नगर परिषद के पार्षद रच्छपाल सिंह, जेके नड्डा, प्रदीप चंदेल, जितेंद्र चंदेल, मुनीर अख्तर लाली, राजू दबड़ा, प्रताप कौंडल, बलवीर चंदेल, केडी लखनपाल, ओपी गर्ग, दिवेश चंदेल, राजपाल कपिल, नगीन चंद समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।
