
काईस (कुल्लू)। कुल्लू-मनाली में सालाना बढ़ रही पर्यटकों की तादाद से कई पर्यटन स्थल गुलजार हो रहे हैं। वहीं, घाटी के कई ऐसे अनछुए पर्यटन स्थल भी हैं जहां सैलानियों को मूलभूत सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। इसमें खासकर रात्रि ठहराव, सड़क सुविधा के अभाव में देशी-विदेशी पर्यटक यहां की नैसर्गिक सुंदरता से रू-ब-रू नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है। ऊझी घाटी के चनणी डाेंख, शरगल थाच, नयाटापरू, दुधला, धानाकुनू आदि पर्यटन स्थलों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इन पर्यटन स्थलों के हालत आज भी वैसी ही हैं, जैसे आजादी से पूर्व हुआ करते थे। सैलानियों को सड़क सुविधा और उचित ठहराव न होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन ऐतिहासिक स्थलों में हर साल हजारों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटक सैर सपाटे को आते हैं, लेकिन यहां न तो सरकारी तथा न ही निजी स्तर पर सैलानियों को ठहरने की कोई व्यवस्था है। बारह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ये पर्यटन स्थल खरशु, रखाल, शरगल, भोजपत्र, बेठर, गुगल धूप, रतनजोत, सालम पंजा, कुंठ जिरायता आदि कई जड़ी बूटियों से घिरे हुए हैं। धानाकुनू में ढाबा चलाने वाले मोती राम, शेर सिंह और रेवत राम का कहना है कि हर साल यहां देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, लेकिन ठहरने की व्यवस्था न होने से यहां नहीं रुकते।
जाणा स्कूल का सालाना समारोह 30 को
काईस (कुल्लू)। राजकीय उच्च पाठशाला जाणा में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 30 दिसंबर को मनाया जाएगा। समारोह में जाणा पंचायत के प्रधान लाल चंद बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। समारोह में सालभर में विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य अध्यापक श्याम सुंदर ने दी।
