
न्यूजीलैंड निवासी तलाकशुदा महिला से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है।
विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने आरोपी व पीड़िता के बीच बने संबंध को सहमति पूर्ण बताया है।
अदालत ने कहा कि पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी, क्योंकि वह आरोपी से प्रेम करती थी और उससे शादी करना चाहती थी।
द्वारका स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने आरोपी राम नरेंद्र शर्मा निवासी द्वारका को दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों से यह कहते हुए बरी कर दिया कि पीड़िता ने उसके खिलाफ कोई साक्ष्य पेश नहीं किया।
पीड़िता के बयान से साफ है कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी और अपनी सहमति से उसके साथ संबंध स्थापित किया।
उसने गुस्से व शर्मिंदगी के चलते आरोपी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया।
जब वह आरोपी के साथ भागी थी तब वह बालिग थी। अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि आरोपी व पीड़िता के बीच सहमतिपूर्ण शारीरिक संबंध थे, क्योंकि वह उससे प्रेम करती थी और शादी करना चाहती थी।
पुलिस ने न्यूजीलैंड निवासी महिला की शिकायत पर आरोपी को मार्च 2013 में गिरफ्तार किया था।
महिला का आरोप था कि उसके पति से तलाक के बाद आरोपी ने शादी का झूठा झांसा देकर अप्रैल 2011 के बाद उससे कई बार दुष्कर्म किया।
महिला ने सितंबर 2010 में अपने भारतीय पति से तलाक लिया था।
वह अपने पहले पति के जरिए ही न्यूजीलैंड में आरोपी राम नरेंद्र के संपर्क में आई थी और दोनों के बीच मित्रता हो गई थी। आरोपी वर्ष 2009 से उसके घर आता था।
तलाक होने के बाद सितंबर 2010 में दोनों एक दूसरे के नजदीक आ गए थे।
