
नई दिल्ली: दुनिया के कई अहम देशों के लिए पिछला वर्ष यानि 2013 चुनावों, सत्ता परिवर्तन और विभिन्न हलचलों के लिए तो याद रखा ही जाएगा, लेकिन यह वर्ष दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति और रंगभेद के संघर्ष के प्रतीक रहे नेल्सन मंडेला के दुनिया को अलविदा कहने के कारण हमेशा इतिहास में दर्ज रहेगा।
शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मंडेला वैसे तो काफी समय से बीमार चल रहे थे और वर्ष 2013 के मध्य में उनकी हालत काफी गंभीर भी हो गई थी, लेकिन उनके चाहने वालों की दुआं से वह उस समय सही सलामत रहे। लेकिन 5 दिसम्बर को खबर आई कि इस महान हस्ती का जोहानिसबर्ग में निधन हो गया है। इस खबर से दुनिया में शोक की लहर छा गई।
पिछला वर्ष चुनाव, सत्ता परिवर्तन और सत्ता संघर्ष का भी केन्द्र रहा। सबसे पहले बात दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की करते है, जहां राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 20 जनवरी को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने 21 जनवरी को सार्वजनिक रूप से शपथ ली। ओबामा ने वर्ष 2012 में हुए चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को हराया था।
