नेता जी, सड़क से कब जुड़ेंगे ये 26 गांव

कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के करीब ढाई दर्जन गांव अभी तक सड़क सुविधा से वंचित हैं। आजादी के छह दशक बाद भी लोग पैदल ही सफर करने को मजबूर हैं। साठ साल के दौरान कई सरकारें आईं और गईं लेकिन किसी ने भी इन लोगों के दर्द को दूर करने की जहमत नहीं उठाई। आश्वासन देकर वोट बटोरे और फिर लोगों को उन्हीं के हाल पर छोड़ दिया।
जिला प्रशासन और सरकारों की ढील से ग्रामीण खफा हैं। लोगों ने अब आगामी लोस चुनाव में बहिष्कार करने का ऐलान किया है। मणिकर्ण घाटी की छह पंचायतों के इन 26 गांवों के लोगों की दिन की शुरुआत पैदल सफर से होती है। तमाम समान भी पीठ पर उठाकर ही लाना पड़ता है।
घाटी की रतोचा पंचायत को जोड़ने वाली चिल्लागे-फागू सड़क का निर्माण कार्य ठप पड़ा है। पीणी और तलपीणी पंचायत के गांव ढ़नाली, बनाशा, शाईटा, टिकर, कसलादी, कझियारी, मोरज, शारनी और पुंथल पंचायत को 8 किलोमीटर जोड़ने वाली सड़क के बीस सालों से सर्वे ही हो रहे हैं। छैउंर पंचायत के चकरिंगा, कौना, कुईधार तथा लाशणी गांव को सड़क है लेकिन इसकी हालत बेहद दयनीय हो चुकी है।
कसोल पंचायत के दूर दराज के गांव ग्राहण, रशोल और बरशैणी पंचायत का नथान
गांव भी सड़क के इंतजार में है। लाहाशणी पंचायत की पूर्व प्रधान मणि देवी, प्रधान पूरन चंद, अमर चंद, दोत राम और हुकम राम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों से सर्वे होते जा रहे हैं। लोगों को सरकार और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ रोष पनप रहा है।

जल्द पूरा होगा सड़कों का काम
लोक निर्माण विभाग के शाट सबडिविजन के सहायक अभियंता विनोद शर्मा ने बताया कि चिल्लागे-फागू सड़क का निर्माण कार्य 400 मीटर रहा है। बजट आने पर कार्य शुरू किया जाएगा। शारणी-पीणी सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। पुंथल-बराधा सड़क की डीपीआर तैयार कर रहे हैं। गाड़गी-बरेऊना सड़क निर्माण का पत्र मिला है जल्द ही सर्वे किया जाएगा।

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