
नूरपुर (कांगड़ा)। विकास खंड नूरपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत औंद में सुबह एक दोमंजिला स्लेटपोश कच्चा मकान जमींदोज हो गया। हालांकि, हादसे में कोई जानी नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन एक बड़ा हादसा होते-होते जरूर टल गया। आपदा में मकान के अंदर पड़ा सारा सामान भी मलबे के ढेर तले दफन हो गया।
हादसे के वक्त पीड़ित अमरनाथ सिंह, उनकी धर्मपत्नी मीरा देवी के अलावा बेटा रमेश कुमार व पुत्रवधू शिवानी सो रहे थे। सुबह करीब साढ़े 5 बजे अचानक मकान की दीवार दरकने की आवाज सुनकर अमरनाथ सिंह की धर्मपत्नी मीरा देवी की नींद खुल गई। इतने में मकान की पिछली दीवार ढह गई और पूरा परिवार जान बचाने के लिए खुले में बाहर निकल आया। इस अफरातफरी में अमरनाथ मलबे में फंस गया। परिवार के सदस्यों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे मलबे के ढेर से बाहर निकाला। इसी बीच मकान की छत भी मलबे के ढेर में तबदील हो गई। अगर पीड़ित अमरनाथ की पत्नी की नींद नहीं खुलती तो पूरा परिवार मलबे की चपेट में आ सकता था। आईआरडीपी परिवार से संबंधित प्रभावित परिवार का मुखिया अमरनाथ सिंह व उसका बेटा रमेश कुमार मेहनत-मजदूरी कर मुश्किल से घर का खर्च चलाते हैं। इस हादसे की सूचना मिलते ही गांव के पटवारी व काननूगो ने घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। पीड़ित अमरनाथ सिंह ने बताया कि घर का सारा सामान व अनाज मलबे में दब गया है। उनका बेघर परिवार खुले आसमान के नीचे तिरपाल का तंबू बनाकर सर्द रातें काटने को मजबूर है। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि नुकसान के आकलन की रिपोर्ट आने के बाद बेघर हुए परिवार को राहत प्रदान की जाएगी।
