
निरमंड (कुल्लू)। मांगों को लेकर शुक्रवार को किसान सभा और एसएफआई ने संयुक्त रूप से निरमंड में धरना दिया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर शहर में रैली निकाली गई। इसके बाद एक जनसभा का आयोजन किया गया। धरने में करीब तीन सौ लोगों ने भाग लिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष देवकी नंद तथा सचिव पूर्ण ठाकुर ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार आम जन विरोधी नियम लागू कर रही है। इससे गरीब और गरीब हो रहा है और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरमंड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से लोगों को वंचित रहना पड़ रहा है। यही नहीं, आजादी के 66 साल बाद भी क्षेत्र के आधे गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। वहीं, स्वास्थ्य संस्थानों में कहीं चिकित्सक तक नहीं है तो कहीं सफाई की व्यवस्था न होने से गंदगी में लोगों को उपचार करवाना पड़ रहा है। जबकि, निरमंड में पिछले कुछ समय से अपराध भी बढ़े हैं, जो चिंता का विषय है। इस मौके पर सीटू के जगदीश तथा दीन बंधु और एसएफआई के कुलदीप ने भी लोगों को संबोधित किया। इसके बाद किसान सभा के लोग आईपीएच के कार्यालय गए जहां कोई भी अधिकारी नहीं मिला। इस मौके पर महेंद्र, जगदीश, फूला देवी, मनमोहन, राम दास, दौलत राम, रोशन, राम दास, पूर्ण ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
ये हैं सभा की मांगें…….
-किसानों के कब्जे वाली जमीन और घर नियमित किए जाएं
-बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता जल्द दिया जाए
-महंगाई पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं
-सरकारी विभागों में रिक्त चल रहे पदों को भरा जाए
-दूध का दाम बढ़ा कर पच्चीस रुपये किया जाए
-सुमित हत्याकांड की सीबीआई जांच की जाए
-निरमंड में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं
-बिजली की बढ़ी हुई दरों को तुरंत वापस लिया जाए
