निजी स्कूलों का रिकार्ड खंगालेगा विभाग

चंबा। जिला के विभिन्न निजी स्कूलों का जल्द औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान स्कूलों की पूरी व्यवस्था जांची जाएगी। अगर इसमें खामियां पाई जाती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। निजी स्कूलों में निर्धन परिवारों के 25 प्रतिशत बच्चों को प्रवेश देने के बारे में भी स्कूलों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। साथ ही स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता भी जांची जाएगी। अगर इसमें खामियां पाई जाती हैं, तो संबंधित स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक आगामी दिनों में उन स्कूलों का निरीक्षण करने जा रहे हैं, जिन्होंने स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए आवेदन किया है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को मान्यता देने से पहले स्कूल की व्यवस्था चेक करने के आदेश दिए हैं। स्कूलों में नियमों के मुताबिक व्यवस्था नहीं पाई है, तो विभाग निजी स्कूलों को दर्जा बढ़ाने के लिए मान्यता नहीं देगा। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक को स्कूलों के कमरों, शौचालयों, खेल मैदानों की व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी स्कूलों के कैश बुक को भी चेक किया जाएगा। अगर व्यवस्था संतोषजनक पाई जाती है, तो ही स्कूलों का दर्जा बढ़ने की बात आगे बढ़ पाएगी। लिहाजा जिला के जो स्कूल दर्जा बढ़ाने चाहते हैं, उनको शिक्षा विभाग की ओर से तय मापदंडों के अनुसार व्यवस्था करनी होगी, अन्यथा स्कूल अपग्रेड नहीं हो पाएगा। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक के कार्यभार देख रहे डिप्टी डीओ ओपी हीर ने बताया कि निजी स्कूलों के निरीक्षण के आदेश प्राप्त हुए हैं। इसमें अधिकतर वे स्कूल शामिल हैं, जिन्होंने अपग्रेड करने के लिए आवेदन किए हैं। विभाग संबंधित स्कूलों में विभाग की ओर से तय मापदंडों की जांच करेगा और उसके बाद स्कूलों की व्यवस्था की रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

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