
धर्मशाला। धर्मशाला में रिश्वत लेने के आरोपी पटवारी के मामले में विजिलेंस ने बुधवार को नायब तहसीलदार जगदीश चंद, कानूनगो हंसराज, तहसील के रीडर और पटवारी के चौकीदार से पूछताछ की है। विजिलेंस के एसपी बिमल गुप्ता ने चारों से पूछताछ करने की पुष्टि की है।
सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ता अगस्त माह से अधिकारियों के पास आरोपी पटवारी की शिकायत कर रहा था। लेकिन, सभी ने उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया। अब जब विजिलेंस ने आरोपी पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा तो जांच की आंच अब इन कर्मचारियों पर भी आ गई है। इसी को लेकर इनसे बुधवार को पूछताछ की गई। पुख्ता सूत्रों की मानें तो अब कई अधिकारियों पर इस मामले में गाज गिर सकती है। विजिलेंस आने वाले दिनों में तहसील कार्यालय के कई और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। ऐसे में कइयों की गिरफ्तारियां भी संभव है। फिलहाल, विजिलेंस ने मामले में हुई पूछताछ को गोपनीय ही रखा है। विजिलेंस के सूत्रों के मुताबिक इस तरह के मामले में अूममन अधिकारियों से पूछताछ नहीं की जाती है। लेकिन, इस मामले में पूछताछ होने से तय है कि अब कई अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है। विजिलेंस ने धर्मशाला में मंत पंचायत के पटवारी महेंद्र सिंह को दो हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ दबोचा था। विजिलेंस ने यह कार्रवाई शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी वार्ड नंबर एक मंत पंचायत शिव विहार रामनगर (धर्मशाला) की शिकायत पर की थी। विजिलेंस के मुताबिक अजय ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पिता जीवित हैं और राजस्व रिकार्ड में उसके पिता के नाम के आगे राकेश कुमार लिखा है। उसने इसकी दुरुस्ती के लिए एक दरख्वास्त 12 अगस्त 2013 को तहसील कार्यालय धर्मशाला में दी थी। कई बार उसने मंत पंचायत के पटवारखाने के चक्कर लगाए, लेकिन काम नहीं हो रहा था। आरोप है कि पटवारी ने दुरुस्ती करवाने की एवज में दो हजार रुपये फीस मांगी थी।
