नाबालिग से छेड़खानी पर एक साल का कारावास

मंडी। नाबालिग से छेड़खानी करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को एक साल के कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी देने का अभियोग भी साबित होने पर उसे एक साल के कठोर कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मदन कुमार के न्यायालय ने सदर उपमंडल के मलवाणा (टिक्कर) निवासी मंगत राम पुत्र जिहान राम के खिलाफ भादंसं की धारा 354 और 506 के तहत अभियोग साबित होने पर उक्त सजा सुनाई। आरोपी के जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उसे एक-एक माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। ये दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता, उसकी माता और पंचायत के उपप्रधान ने पुलिस थाने में आकर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। प्राथमिकी के अनुसार पांच फरवरी 2012 को आरोपी उनके घर में बतौर मेहमान बन कर आया था। इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ छेड़खानी की। नाबालिग के शोर मचाने पर परिवार के सदस्यों ने उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर मामले की शिकायत थाने में की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक अजय ठाकुर ने छह गवाहों के बयान कलमबद्ध करवा कर आरोपी पर अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पेश किए गए साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ नाबालिग से छेड़खानी और धमकी देने का अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।

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