
नादौन (हमीरपुर)। नादौन क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। किसानों को अभी तक गेहूं बिजाई की खाद 12:32:16 नहीं मिल पाई है। गेहूं बिजाई का समय निकलता जा रहा है और ऐसे में खाद न मिलना किसी मुसीबत से कम नहीं है। पता चला है कि इसका विकल्प अमोनियम नाइट्रेट पर पाबंदी लग गई है। इससे दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं।
किसानों को खेतीबाड़ी करना मुश्किल हो गया है। बंदर और आवारा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं। रात दिन लोगों को फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। अब जब गेहूं बिजाई का समय है तो किसानों को खाद ही नहीं मिल रही है। गेहूं बिजाई के साथ 12:32:16 खाद की आवश्यकता होती है। इसके बिना फसल की पैदावार प्रभावित होती है। यह खाद हिमफेड उपलब्ध करवाता है लेकिन नादौन में अभी तक इस खाद की आपूर्ति नहीं हो पाई है। गेहूं बिजाई का भी समय निकलता जा रहा है। अगर बिजाई के बाद खाद की सप्लाई आती है तो इसका फिर क्या फायदा। किसानों ने विभाग से मांग की कि खाद उपलब्ध करवाई जाए।
किसानों प्यार चंद, बलबंत सिंह, राम चंद, ईश्वर दास, शेर सिंह, वेद प्रकाश, यादवेंद्र चंद, विकु , कुलभूषण, सुनील कुमार, परमिंद्र आदि का कहना है कि गेहूं बिजाई से पहले 12:32:16 खाद की आवश्यकता होती है, परंतु नादौन में खाद की खेप ही नहीं आई। इस कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट ही विकल्प के रूप में रह जाती है, जिसपर सरकार ने बैन लगा दिया है। सब्जी उत्पादकों को भी खाद की हमेशा आवश्यकता बनी रहती है।
अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से जारी की गई अधिसूचना मेरे पास नहीं पहुंची है। अधिसूचना के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि अमोनियम नाइट्रेट खाद पर प्रतिबंध लगा दिया है या नहीं।
-रमेश चंद, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर
अभी तक खाद की खेप नहीं पहुंच पाई है। हिमफेड ही खाद की आपूर्ति करता है।
