
ऊना। नांदेड़ साहिब ट्रेन को ऊना की बजाय नंगल से चलाने के विरोध में जनहित मोर्चा ने डीसी कार्यालय परिसर में काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार एवं रेलवे मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डीसी ऊना के माध्यम से रेल मंत्रालय एवं रेलवे विभाग को एक ज्ञापन भी भेज। इसमें इस ट्रेन को ऊना से शुुरू करने की गुहार लगाई गई है।
रेल बजट में घोषणा के बावजूद नांदेड़ साहिब एक्सप्रेस ऊना से न चलाने के विरोध में जनहित मोर्चा के प्रतिनिधि वीरवार को डीसी कार्यालय में एकत्रित हुए। मोर्चा प्रतिनिधियों में चेयरमैन नवदीप कश्यप, प्रवक्ता राजीव भनोट, बलविंद्र गोल्डी, भाजयुमो के राज्य उपाध्यक्ष सुमित शर्मा, राजकुमार पठानिया, राजन सहोड़, संजीव एवं अश्विनी समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने काले बिल्ले लगाकर इस ट्रेन को ऊना की बजाय नंगल से चलाने का विरोध व्यक्त करने लगे। इस दौरान मोर्चा के चेयरमैन और प्रवक्ता ने कहा कि यदि रेल मंत्रालय ने ऊना के लोगों की भावनाओं व जरूरत के मुताबिक ट्रेन को जल्द ही ऊना से शुरू नहीं किया तो इस हक के लिए ऊना व हिमाचल के लोग लंबी लड़ाई लड़ने को मजबूर हो जाएंगे। इन लोगों ने कहा कि तत्कालीन रेलमंत्री पवन बंसल ने इस ट्रेन को ऊना से शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन इनके हाथ से रेल मंत्रालय जाते ही बजटीय घोषणा को ही बदल दिया गया है। इसे हिमाचल के लोग कतई सहन नहीं करेंगे।
जनहित मोर्चा वक्ताओं ने यह भी साफ किया कि यह मसला किसी राजनीतिक पार्टी पर आधारित न होकर आम जनता से जुड़ा है और इसमें भाजपा, कांग्रेस और बसपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता शामिल होकर एकजुटता से हक की लड़ाई लड़ने के लिए एक मंच पर आएं ताकि ऊना एवं हिमाचल के हितों की रक्षा हो सके। इन लोगों ने कहा कि ऊना श्री गुरु नानक देव के वंशजों की धरती है, ऐसे में इस ट्रेन को चलाना हिमाचल का हित ही नहीं, अपितु धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की तरफ भी एक अहम मील पत्थर हो सकता है। इस अवसर पर भाग सिंह, ईश कुमार ग्रोवर, सुरजीत सैनी, शिवकुमार, संजीव कुमार, पंकज कतना, पुनीत मैहन, राजेश कौशल, भूपेंद्र सिंह, चरणजीत अटवाल व विनोद पुरी सहित अनेक संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
