
चंबा। आम आदमी को सस्ता इलाज मुहैया करवाने और दवाइयों में कमीशन खोरी पर अंकुश लगाने के प्रदेश सरकार के प्रयास सफल होते नहीं दिख रहे। प्रदेश सरकार ने सभी सीएमओ को डाक्टरों की पर्ची का आडिट करने की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत डाक्टरों की पर्ची का निरीक्षण करके इस बात का पता लगाया जाना था कि कहीं डाक्टर दवा कंपनियों के कमीशन के लालच में मरीजों को जरूरत से ज्यादा और महंगी दवाएं तो नहीं लिख रहे हैं। यह व्यवस्था जिला में लागू ही नहीं हो पाई है। हालांकि, सीएमओ चंबा इसे लागू किए जाने का दावा कर रहे हैं, मगर उनके इस दावे की पोल जिला अस्पताल में ही खुल रही है। जिला अस्पताल में अभी तक पर्ची आडिट करने की व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। इसकी पुष्टि खुद अस्पताल के एमएस ने की है। हालांकि, एमएस ने कहा कि वह इसे लागू करने जा रहे हैं। उधर, सूत्रोें से पता चला है कि जिला के अस्पतालों में कुछ डाक्टर मरीजों को छोटी सी बीमारी पर ही काफी महंगी दवाइयां लिख रहे हैं। यह सारा खेल दवा कंपनियों की कमीशन देने की प्रथा के चलते चल रहा है। इसका खामियाजा जिले के गरीब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, जिला अस्पताल के एमएस डा. विनोद ने कहा कि पर्ची आडिट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसे जल्द लागू किया जाएगा और सप्ताह में दो दिन आडिट किया जाएगा। उधर, सीएमओ डा. राकेश वर्मा ने कहा कि पर्ची आडिट सिस्टम जिला में शुरू किया गया है। बीएमओ स्तर के अधिकारियों को पर्ची आडिट करने के आदेश दिए गए हैं। पर्ची पर रूटीन में आडिट करने के बाद तमाम जानकारी सीएमओ कार्यालय में भेजने के आदेश दिए गए हैं।
